Asteroid 99942 Apophis: The Truth About the 2029 Close Approach & Yarkovsky Effect
Will the 'God of Chaos' hit Earth on Friday the 13th, 2029? NASA reveals the truth about Asteroid 99942 Apophis. Discover how the 'Yarkovsky Effect' shifted its path and saved our planet. Watch the full documentary and learn the science behind it.
00:00 - The Beginning: प्राचीन मिस्र (Ancient Egypt) की एक डरावनी भविष्यवाणी थी। उनकी कहानियों में एक राक्षस का जिक्र मिलता है—'एपेप' (Apep)। जिसे अराजकता (Chaos), अंधेरे और तबाही का देवता माना जाता था। उसका सिर्फ एक ही मकसद था—सूरज को निगल जाना और पूरी दुनिया को हमेशा के लिए अंधेरे में डुबो देना।
हजारों साल बीत गए। वो कहानियां पुरानी हो गईं। लेकिन 21वीं सदी में, वह 'सांप' फिर लौटा है। लेकिन इस बार वह किसी पुरानी किताब या मंदिर की दीवारों पर नहीं, बल्कि हमारे सर के ऊपर मंडरा रहे अनंत ब्रह्मांड (Cosmos) में लौटा है।
हेलो स्टूडेंट्स! ? आज Aapbiti.com पर हम बात करेंगे अंतरिक्ष के सबसे कुख्यात 'विलेन' Asteroid 99942 Apophis की। एक ऐसा पत्थर जिसने 2004 में NASA के वैज्ञानिकों की रातों की नींद हराम कर दी थी। क्या सच में 2029 में कुछ भयानक होने वाला है? क्या शुक्रवार, 13 तारीख (Friday the 13th) सच में मनहूस साबित होगी? चलिए, विज्ञान और रहस्य की इस परत को खोलते हैं।
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? 2004: जब वैज्ञानिकों के हाथ-पाँव फूल गए
कहानी शुरू होती है 19 जून 2004 को। अमेरिका के एरिजोना में स्थित Kitt Peak Observatory में तीन वैज्ञानिक—रॉय टकर, डेविड थोलिन और फैब्रिजियो—आसमान को स्कैन कर रहे थे। उनका काम था धरती के पास आने वाले पत्थरों (NEOs - Near Earth Objects) को ढूंढना। तभी उन्हें एक धुंधला सा डॉट दिखा।
शुरुआत में यह सामान्य लगा। लेकिन दिसंबर 2004 तक, जब और डेटा सामने आया, तो दुनिया भर की स्पेस एजेंसीज में 'रेड अलर्ट' जैसा माहौल बन गया। गणना (Calculation) ने एक बहुत ही डरावना सच उगला:
? द टोरिनो स्केल अलर्ट (Torino Scale Alert)
वैज्ञानिकों ने इस एस्टेरॉयड को Torino Scale पर लेवल 4 की रेटिंग दी। अंतरिक्ष के इतिहास में आज तक किसी भी एस्टेरॉयड को इतनी खतरनाक रेटिंग नहीं मिली थी। इसका मतलब था—टक्कर की संभावना बहुत ज्यादा (2.7%) है।
और सबसे डरावनी बात थी वो तारीख, जिस दिन इसे धरती से टकराना था—शुक्रवार, 13 अप्रैल 2029। पश्चिमी देशों में 'Friday the 13th' को भूतों और बदकिस्मती का दिन माना जाता है। क्या यह महज एक इत्तेफाक था या ब्रह्मांड का कोई क्रूर मजाक?
? आखिर कौन है यह 'Apophis'? (The villain Profile)
इस पत्थर का नामकरण भी एक दिलचस्प कहानी है। इसके खोजकर्ता टीवी शो Stargate SG-1 के बहुत बड़े फैन थे। उस शो में एक विलेन था 'Apophis', जो धरती को मिटाना चाहता था। उन्होंने मजाक में इसका नाम वही रख दिया। किसे पता था कि यह नाम सचमुच धरती के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाएगा?
इसकी ताकत का अंदाजा लगाइए:
- साइज (Size): यह लगभग 340 मीटर चौड़ा है। यानी एफिल टावर (Eiffel Tower) और एम्पायर स्टेट बिल्डिंग से भी ऊंचा।
- वजन (Mass): इसका वजन लगभग 2.7 करोड़ टन है।
- चाल (Movement): यह किसी अनुशासित ग्रह की तरह नहीं घूमता। यह अंतरिक्ष में 'नशे में धुत' किसी शराबी की तरह लड़खड़ाते हुए (Tumbling) चलता है। इसका अपनी धुरी पर घूमने का समय भी बदलता रहता है।
?️ द ग्रेविटेशनल की-होल (The Gravitational Keyhole)
2004 में डर 2029 का नहीं था, बल्कि डर था 2036 का। वैज्ञानिकों की एक थ्योरी थी जिसे 'Gravitational Keyhole' कहा जाता है।
इसे आसान भाषा में समझते हैं। अंतरिक्ष में एक बहुत छोटा सा, सिर्फ 600 मीटर चौड़ा एक काल्पनिक दरवाजा (Keyhole) था। वैज्ञानिकों का मानना था कि:
- अगर 2029 में Apophis इस छोटे से छेद (Keyhole) के बीच से गुजर गया...
- तो पृथ्वी की ग्रेविटी (Gravity) उसे एक गुलेल की तरह खींचकर उसका रास्ता मोड़ देगी।
- और ठीक 7 साल बाद, यानी 13 अप्रैल 2036 को वह वापस लौटकर सीधा पृथ्वी से टकरा जाएगा।
यही वह डर था जिसने पूरी दुनिया को 17 सालों तक सस्पेंस में रखा।
? 17 साल बाद: सूरज ने हमें कैसे बचाया? (The Yarkovsky Effect)
लेकिन दोस्तों, पिक्चर अभी बाकी थी। 2004 में गणित कह रहा था कि हम खतरे में हैं। लेकिन 2021 में NASA ने आधिकारिक घोषणा कर दी—"हम सुरक्षित हैं।" (We are safe for at least 100 years).
आखिर एस्टेरॉयड का रास्ता किसने बदला? क्या हमने कोई मिसाइल छोड़ी? नहीं! हमें बचाया एक अदृश्य शक्ति ने, जिसे विज्ञान की भाषा में 'The Yarkovsky Effect' कहते हैं।
? क्या है यारकोवस्की इफेक्ट? (Simple Explanation)
कल्पना करें कि Apophis एक घूमता हुआ पत्थर है।
- जब सूरज की रोशनी इसके एक हिस्से पर पड़ती है, तो वह गर्म हो जाता है।
- जब वह हिस्सा घूमकर अंधेरे (शाम) की तरफ जाता है, तो वह गर्मी (Heat) को रेडिएशन के रूप में बाहर छोड़ता है।
- न्यूटन के नियम के अनुसार, "हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है।"
- जैसे ही गर्मी बाहर निकलती है, वह एस्टेरॉयड को पीछे की तरफ से एक हल्का सा धक्का (Tiny Kick) मारती है।
यह धक्का बहुत छोटा होता है, शायद एक चींटी की ताकत जितना। लेकिन अंतरिक्ष में घर्षण (Friction) नहीं होता। इसलिए, यह छोटा सा धक्का लगते-लगते, हर साल Apophis अपने रास्ते से करीब 170 मीटर खिसकता गया। और यही 170 मीटर का खिसकना हमारे लिए वरदान बन गया। अब वह उस 'की-होल' में नहीं जाएगा!
? अगर यह टकराता तो क्या होता? (The Hypothetical Impact)
विज्ञान में "अगर" (If) का बहुत महत्व है। अगर 2029 या 2036 में यह टकरा जाता, तो मंजर कैसा होता?
- विस्फोट: इसकी टक्कर से 1,200 मेगाटन TNT जितनी ऊर्जा निकलती। यह हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से हजारों गुना ज्यादा शक्तिशाली होता।
- गड्ढा: जमीन पर गिरने पर यह करीब 5.1 किलोमीटर चौड़ा गड्ढा बना देता।
- तबाही: यह डायनासोर को मारने वाले एस्टेरॉयड जितना बड़ा तो नहीं था कि पूरी दुनिया खत्म कर दे, लेकिन अगर यह किसी देश (जैसे फ्रांस या भारत के किसी राज्य) पर गिरता, तो उस जगह का नक्शे से नामो-निशान मिट जाता। करोड़ों जानें सेकंड्स में चली जातीं।
? 13 अप्रैल 2029: एक ऐतिहासिक दिन
अब हमें डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि यह जश्न का मौका है! 13 अप्रैल 2029 को Apophis पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरेगा—सिर्फ 31,600 किलोमीटर की दूरी से।
यह दूरी हमारे Geostationary Satellites (36,000 km) से भी कम है! यानी यह हमारे सैटेलाइट्स के नीचे से होकर गुजरेगा।
कैसे देखें?
अगर आप यूरोप, अफ्रीका या पश्चिमी एशिया में होंगे, तो आप इसे बिना किसी टेलीस्कोप के, अपनी नंगी आंखों से आसमान में एक चलते हुए तारे की तरह देख सकेंगे। यह इतिहास में पहली बार होगा जब इतना बड़ा पत्थर धरती के इतना करीब आएगा और हम पहले से उसके बारे में जानते होंगे।
?️ NASA का मिशन: OSIRIS-APEX
NASA इस मौके को छोड़ना नहीं चाहता। उनका स्पेसक्राफ्ट OSIRIS-REx (जो पहले बेनू एस्टेरॉयड से सैंपल लाया था) अब एक नए मिशन पर है। उसका नया नाम है OSIRIS-APEX।
जैसे ही 2029 में Apophis गुजरेगा, यह स्पेसक्राफ्ट उसका पीछा करना शुरू कर देगा। यह अगले 18 महीनों तक Apophis के साथ उड़ेगा, उसके करीब जाएगा और अपने थ्रस्टर्स चलाकर उसकी धूल उड़ाएगा ताकि हम देख सकें कि इस 'प्रलय के देवता' के अंदर क्या छिपा है।
निष्कर्ष (Conclusion)
"वो पत्थर क्या रास्ता रोकेगा हमारा,
हौसले इंसान के कभी झुकते नहीं।
आसमान की साजिशों से हम डरते नहीं,
विज्ञान के दिए आंधियों में बुझते नहीं।"
Apophis की कहानी हमें सिखाती है कि ज्ञान (Knowledge) ही सबसे बड़ी शक्ति है। जिस एस्टेरॉयड ने हमें 20 साल तक डराया, आज उसी ने हमें अपनी रक्षा करना सिखा दिया है।
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